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मालगोदाम में हम्मालों का हंगामा, रेल ट्रैक पर आत्महत्या का प्रयास

ठेकेदारों के तानाशाही रवैये के खिलाफ नारेबाजी, मुख्य मार्ग जाम

खंडवा। रेलवे के घासपुरा यार्ड स्थित मालगोदाम में रविवार दोपहर चावल की खाली रेक उतार रहे हम्मालों ने अचानक काम ठप कर दिया। ठेकेदारों की तानाशाही के खिलाफ उन्होंने जमकर नारेबाजी की, जिससे मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। विरोध के दौरान हम्माल यूनियन के नेता इरफान तिगाला रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या के इरादे से दौड़े। उनके साथी उन्हें किसी तरह रोककर समझा-बुझाकर शांत कराए।इरफान तिगाला ने बताया कि ठेकेदारों और हम्माल यूनियन के बीच तय हुआ था कि 1 जनवरी 2026 से हम्माली का दर 3.20 रुपये से बढ़ाकर 3.50 रुपये किया जाएगा। लेकिन ठेकेदार पियूष जुनेजा, आजम चौहान सहित अन्य ने अब इस दर को देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, हमें डराने-धमकाने के लिए पियूष जुनेजा ने पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई। हमने कभी ठेकेदारों से विवाद नहीं किया, फिर भी हमें बेवजह दबाया जा रहा है। समय-समय पर आरपीएफ को झूठी शिकायतें की जाती हैं, जिससे हम मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।

दूसरे हम्माल ला दूंगा’ की धमकी, पुराना दर थोप रहे ठेकेदार 

हम्माल सलीम खान ने बताया कि ठेकेदार दबाव डालते हैं कि इसी पुराने दर पर काम करना होगा, वरना दूसरे हम्माल ला देंगे। हम यहां 10-20 साल या बचपन से काम कर रहे हैं, लेकिन कभी ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। हमारी मेहनत का पैसा भी सही समय पर नहीं मिलता। सरकार की सुविधाओं के बावजूद हमारा शोषण हो रहा है, लेकिन कोई आवाज नहीं उठाता। 1 जनवरी से नया दर लागू हो चुका था, लेकिन ठेकेदार अब 5 साल पुराना दर (3.15 रुपये) थोप रहे हैं, जबकि 3.50 रुपये देना चाहिए।

ओवरलोड ट्रकों पर प्रशासन की चुप्पी, 19 टन की जगह 40 टन माल 

मालगोदाम में प्रतिदिन 100-150 ट्रक ओवरलोड माल लेकर निकलते हैं। 19 टन क्षमता वाली गाड़ियों में 40 टन तक चावल, सीमेंट, खाद व गेहूं लादा जाता है। खास बात यह है कि परिवहन विभाग या पुलिस ने वर्षों से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की। प्रशासन का इस ओर ध्यान ही नहीं जाता।

ठेकेदारों से जान का खतरा, झूठे आरोप लगाकर प्रताड़ित कर रहे

इरफान तिगाला ने कहा कि ठेकेदार पियूष जुनेजा से मेरा कोई लेन-देन नहीं, फिर भी उन्होंने आरपीएफ व सिटी कोतवाली में झूठी शिकायत की। मैं बहुत आहत हूं। ठेकेदार समय-समय पर धमकाते हैं, ‘मजदूरों की नेतागिरी मत कर, पुराना हिसाब चलने दे, वरना देख लेंगे।’ पियूष जुनेजा ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि हम उन्हें मालगोदाम में घुसने पर मारेंगे, जबकि हमने कभी दुर्व्यवहार या मारपीट नहीं की। यहां 500 हम्माल काम करते हैं, राम रहीम यूनियन के तहत। कभी आपसी विवाद नहीं हुआ। यह सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है, जहां मजदूर एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ देते हैं, लेकिन ठेकेदार इसे बर्दाश्त नहीं कर रहे।

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