
ओंकारेश्वर। नर्मदा के पावन घाट पर स्नान का मजा लेने आए इंदौर के मनीष भट्ट की लाश हाथ-पैर बंधे मिली। डॉक्टरों ने डूबने से इनकार किया, तो फॉरेंसिक रिपोर्ट ने चौंका दिया- मौत हत्या से हुई! अब पुलिस की नजर उसके उन 50 ‘दोस्तों’ पर, जो साथ घूमने आए थे। क्या गैंग की रंजिश ने लिया बदला?
गायब हुआ स्नान के बाद, 5 दिन बाद मिली लाश
25 जनवरी को इंदौर के तिलक नगर (पिपल्याहाना) निवासी मनीष भट्ट 50 दोस्तों संग ओंकारेश्वर दर्शन को निकले। 10-10 के ग्रुप में बंटे ये लोग संगम घाट पर नर्मदा स्नान करने पहुंचे। स्नान के बाद मनीष गायब! परिजनों ने इंदौर में गुमशुदगी दर्ज कराई। 30 जनवरी को ग्राम बिल्लौरा के मौनी बाबा आश्रम के पास नर्मदा किनारे संदिग्ध लाश मिली। शिनाख्त हुई मनीष की। हाथ-पैर रस्सी से बंधे, सिर पीछे चोट, गले पर निशान!मांधाता थाना पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया। डॉक्टरों को शक हुआ। डूबने की पुष्टि के लिए भोपाल फॉरेंसिक लैब में डायटम टेस्ट सैंपल भेजे। 20 दिन बाद आई रिपोर्ट ने कन्फर्म किया- मौत डूबने से नहीं, बल्कि हत्या हुई है।
अज्ञात पर हत्या का केस, दोस्तों पर सवालिया निशान सोमवार को पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मांधाता टीआई अनोख सिंदिया ने बताया, “मनीष के हत्यारों की तलाश जारी। कई दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन क्लू नहीं। जल्द खुलासा होगा।” जांच में मनीष का काला इतिहास सामने आया। इंदौर के थानों में अवैध वसूली, मारपीट, गुंडागर्दी के केस के साथ आए 50 ‘दोस्त’ भी अपराधी गैंग के होने की आशंका है मृतक पुलिस का मुखबिरी बताया जा रहा है।
डायटम टेस्ट ने सुलझाई गुत्थी
यह फॉरेंसिक टेस्ट पानी में डूबने की पुष्टि करता है। फेफड़ों या अस्थि मज्जा में डायटम शैवाल की मौजूदगी बताती है कि मौत जीवित अवस्था में डूबने से हुई। मनीष के केस में यह अनुपस्थित, यानी पहले मारा गया, फिर नदी में फेंका!पुलिस का दावा- गैंगवार का शक गहरा रहा। सवाल ये है कि क्या इंदौर के अपराधी नेटवर्क ने नर्मदा में बदला लिया?